यह गाइड बताती है कि बैटरी टर्मिनलों पर AC वोल्टेज रिपल मापने के लिए VMI3 का उपयोग कैसे करें और इग्निशन डिवाइस को अलग किए बिना प्रत्येक इंजन सिलेंडर के यांत्रिक संपीड़न दबाव संतुलन की तुरंत जाँच कैसे करें।
गाइड वीडियो (अंग्रेज़ी)
चरण 1: ऑसिलोस्कोप सेटिंग्स और AC मोड में स्विच करना
वोल्टेज में सूक्ष्म उतार-चढ़ाव (रिपल) देखने के लिए ऑसिलोस्कोप सेटिंग्स समायोजित करें।
- परीक्षण वाहन: Seltos (SP2) G2.0 MPI
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VMI3 सेटिंग्स:
- वोल्टेज रेंज (Volt/Div): 0.4V (वोल्टेज में बहुत छोटे बदलावों को कैप्चर करने के लिए)
- टाइम बेस (Time/Div): 50.0 mS
- मोड सेटिंग: [महत्वपूर्ण] DC मोड से 'AC मोड' में बदलना सुनिश्चित करें।
चरण 2: प्रोब कनेक्शन और सिंक्रोनाइज़ेशन
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चैनल A (CH.A) - AC रिपल वोल्टेज मापन:
- (+) प्रोब: सीधे बैटरी के (+) टर्मिनल से कनेक्ट करें
- (-) प्रोब: बैटरी के (-) टर्मिनल से कनेक्ट करें
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चैनल B (CH.B) - सिलेंडर सिंक्रोनाइज़ेशन वेवफॉर्म मापन (CKPS):
वेवफॉर्म का कौन-सा भाग किस सिलेंडर से संबंधित है, यह पहचानने के लिए क्रैंक एंगल सेंसर सिग्नल प्राप्त करें।- (+) प्रोब: CKPS (क्रैंकशाफ्ट पोज़िशन सेंसर) के पिन 2 (सिग्नल लाइन) से कनेक्ट करें
- (-) प्रोब: बैटरी के (-) टर्मिनल से कनेक्ट करें
चरण 3: क्रैंकिंग मापन और संतुलन विश्लेषण
इंजन स्टार्ट को निष्क्रिय रखते हुए (फ्यूल कट या इग्निशन कट), केवल स्टार्टर मोटर चलाएँ।
- वेवफॉर्म विश्लेषण का सिद्धांत: जब पिस्टन संपीड़न के शीर्ष मृत केंद्र पर पहुँचता है, तो घूर्णन प्रतिरोध अधिकतम होता है और स्टार्टर मोटर बैटरी से सबसे अधिक करंट लेती है। इस समय बैटरी वोल्टेज गिरकर अपने न्यूनतम बिंदु पर पहुँच जाता है।
- सामान्य स्थिति का निर्धारण: सामान्य संचालन के लिए स्क्रीन (CH.A) पर प्रदर्शित साइन-वेव आकार के रिपल वेवफॉर्म गर्तों की गहराई (एम्प्लिट्यूड) सभी सिलेंडरों के लिए एकसमान होनी चाहिए।
- खराबी का पता लगाना: यदि किसी विशेष खंड में रिपल की गहराई स्पष्ट रूप से कम है, तो यह माना जा सकता है कि उस समय संबंधित सिलेंडर में संपीड़न दबाव का रिसाव (यांत्रिक खराबी) है।
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